दोस्तों आप इस आर्टिकल में एमिनो अम्ल किसे कहते हैं और इसके प्रकारों के बारे में जानेगे। एमिनो अम्ल जोकि क्लास 12 में आपको केमिस्ट्री में टॉपिक होता है जोकि आपके बोर्ड एग्जाम की दृष्टि से बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसलिए इस आर्टिकल में आप एमिनो अम्ल के बारे विस्तार में जानेगे और ये भी जानेगे की एमिनो अम्ल का रासायनिक सूत्र क्या होता है ये भी आपको इस आर्टिकल में पता हल जाएगा।
इस आर्टिकल में निम्लिखित प्रश्नो के उत्तर बहुत ही सरल व् विस्तार में दिए गए हैं।
- अमीनो अम्ल किसे कहते हैं ?
- अमीनो अम्ल के प्रकार ?
- अल्फ़ा एमिनो अम्ल किसे कहते है ?
- बीटा एमिनो अम्ल किसे कहते है ?
- गामा एमिनो अम्ल किसे कहते है ?
- एलीफैटिक एमिनो अम्ल किसे कहते हैं ?
- ऐरोमैटिक एमिनो अम्ल किसे कहते हैं ?
- विषम चक्रीय एमिनो अम्ल किसे कहते हैं ?
- उदासीन एमिनो अम्ल किसे कहते हैं ?
- क्षारीय एमिनो अम्ल किसे कहते हैं ?
- अम्लीय एमिनो अम्ल किसे कहते हैं ?
एमिनो अम्ल किसे कहते हैं ?
वे कार्बनिक यौगिक जिनमे एमिनो समूह ( -NH2 ) तथा कार्बोक्सिलिक समूह ( -COOH ) एक साथ जुड़ा हुआ हो या उपसिथित हो तो उन्हें एमिनो अम्ल कहते हैं /
उदाहरण = NH2-CH2-COOH ( ग्लाईसीन या एमिनो एसिटिक अम्ल )
अब बात करे की एमिनो अम्ल के वर्गीकरण के बारे में तो चलिए जान लेते हैं की एमिनो अम्ल के प्रकार के बारे में।
एमिनो अम्लों का वर्गीकरण
एमिनो अम्लों का वर्गीकरण हम तीन प्रकार से कर सकते हैं।
- एमिनो समूह की स्थिति के आधार पर एमिनो अम्लों का वर्गीकरण।
- एमिनो अम्लों का संरचना के आधार पर वर्गीकरण |
- प्रकृति के आधार पर एमिनो अम्लों का वर्गीकरण |
एमिनो समूह की स्थिति के आधार पर एमिनो अम्लों का वर्गीकरण-
एमिनो समूह की स्थिति के आधार पर एमिनो अम्लों को निम्न तीन भागों में वर्गीकृत किया गया है -
- अल्फ़ा एमिनो अम्ल
- बीटा एमिनो अम्ल
- गामा एमिनो अम्ल
1. अल्फ़ा एमिनो अम्ल - वे एमिनो अम्ल जिप्रकृति के आधार पर एमिनो अम्लों को तीन भंगो में बांटा गया है जो निम्न प्रकार से हैं।
उदासीन एमिनो अम्ल
अम्लीय एमिनो अम्ल
क्षारीय एमिनो अम्ल
नमें एमिनो समूह ( -NH2 ) तथा कार्बोक्सिलिक समूह ( -COOH ) दोनों एक ही कार्बन परमाणु पर जुड़े होते हैं , तो उसे अल्पफा एमिनो अम्ल कहते हैं।
उदाहरण -- NH2-CH2-COOH ( ग्लाईसीन या अल्फ़ा एमिनो अम्ल )
2. बीटा एमिनो अम्ल - वे एमिनो अम्ल जिनमे एमिनो समूह ( -NH2 ) तथा कार्बोक्सिलिक अम्ल ( -COOH ) की बीता कार्बन परमाणु पर उपस्थित हो ,उन्हें बीटा एमिनो अम्ल कहते हैं।
उदाहरण -- NH2-CH2-CH2-COOH ( बीटा- एमिनो पोपेनोइक अम्ल )
3. गामा एमिनो अम्ल - वे एमिनो अम्ल जिनमे एमिनो समूह ( -NH2 ) तथा कार्बोक्सिलिक अम्ल ( -COOH ) के गामा कार्बन परमाणु पर उपस्थित हो ,उन्हें गामा एमिनो अम्ल कहते हैं।
उदाहरण -- NH2-CH2-CH2-CH2-COOH ( गामा- एमिनो पोपेनोइक अम्ल )
एमिनो अम्लों का संरचना के आधार पर वर्गीकरण -
संरचना के आधार पर एमिनो अम्ल निम्न तीन प्रकार के होते हैं।
- एलीफैटिक एमिनो अम्ल
- ऐरोमैटिक एमिनो अम्ल
- विषम चक्रीय एमिनो अम्ल
1. एलीफैटिक एमिनो अम्ल- वे एमिनो अम्ल जिनमे एलीफैटिक कार्बन विद्यमान रहते हैं , उन्हें एलीफैटिक एमिनो अम्ल कहते हैं।
उदाहरण -- NH2-CH2-CH2-CH2-COOH ( एलीफैटिक एमिनो अम्ल )
2. ऐरोमैटिक एमिनो अम्ल - वे एमिनो अम्ल जिनमे ऐरोमैटिक रिंग विद्यमान रहती है , उन्हें ऐरोमैटिक एमिनो अम्ल कहते हैं।
उदाहरण -- C15H11I4NO4 ( थाइरॉक्सिन ) , C9H11NO2 ( फेनिल एलैनीन )
3. विषम चक्रीय एमिनो अम्ल -वे एमिनो अम्ल जिनमे विषम चक्रीय रिंग विद्यमान रहती है , उन्हें विषम चक्रीय एमिनो अम्ल कहते हैं।
उदाहरण -- C₅H₉NO₂ ( प्रोलीन ) , C5H9NO3 ( हाइड्रोक्सी प्रोलीन )
प्रकृति के आधार पर एमिनो अम्लों का वर्गीकरण -
प्रकृति के आधार पर एमिनो अम्लों को तीन भंगो में बांटा गया है जो निम्न प्रकार से हैं।
- उदासीन एमिनो अम्ल
- अम्लीय एमिनो अम्ल
- क्षारीय एमिनो अम्ल
1. उदासीन एमिनो अम्ल - वे एमिनो अम्ल जिनमें एमिनो समूह (-NH2 ) तथा कार्बोक्सिलिक समूह (-COOH )की संख्या समान होती है ,उन्हें उदासीन एमिनो अम्ल कहते हैं।
उदाहरण -- NH2-CH2-COOH ( ग्लाईसीन )
2.अम्लीय एमिनो अम्ल- वे एमिनो समूह जिनमे एमिनो समूह (-NH2 ) कम तथा कार्बोक्सिलिक समूह (-COOH ) की संख्या अधिक होती है ,उन्हें अम्लीय एमिनो अम्ल कहते हैं।
उदाहरण -- COOH-CH2-CH-NH2 ( एस्पार्टिक अम्ल )
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NH2
3. क्षारीय एमिनो अम्ल - वे एमिनो अम्ल जिनमे एमिनो समूह (-NH2 ) की संख्या कार्बोक्सिलिक समूह (-COOH ) से अधिक होती है , उन्हें क्षारीय एमिनो अम्ल कहते हैं।
उदहारण -- NH2-(CH2)4-CH-COOH ( लाइसीन )
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NH2
आवश्यक तथा अनावश्यक अमीनो अम्ल में अंतर-
आवश्यक एमिनो अम्ल - वे एमिनो अम्ल जिनकी जीवधारियों को अति आवश्यकता है उन्हें आवश्यक एमिनो अम्ल कहते हैं।
ऐसे एमिनो अम्ल जीवधारियों के शरीर में नहीं बनते हैं और इन्हे भोजन से प्राप्त कर लिया जाता है।
उदाहरण---- आर्जीनीन,लाइसीन, ल्युसीन आदि ।
अनावश्यक एमिनो अम्ल - वे एमिनो अम्ल जो शरीर में बनते हैं , उन्हें अनावश्यक एमिनो अम्ल कहते हैं।
उदाहरण ---- ग्लाईसीन, एलैनीन, एस्पार्टिक अम्ल आदि।

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